प्रमोद सावंत बोले- केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद गोवा में आप नेताओं में डर

पणजी | देश में लोकसभा चुनावों की सरगर्मी के बीच दिल्ली का आबकारी नीति घोटाला खूब चर्चाओं में है। इस मामले में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद से जहां विपक्ष इसे गलत ठहराते हुए भाजपा पर निशाना साध रहा है, वहीं दूसरी ओर सत्ताधारी पार्टी के नेता आम आदमी पार्टी और उसके सहयोगी दलों को भ्रष्टाचार के मामलों में आईना दिखा रहे हैं। इस बीच, गोवा के सीएम प्रमोद सावंत ने दावा किया है कि इस मामले में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद से राज्य आप के नेता डरे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आबकारी नीति घोटाले से आप ने पैसा कमाया है और अब जब उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है तब उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि इसका क्या किया जाए।
दक्षिण गोवा के वेलिम में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि साल 2022 के विधानसभा चुनाव में आप आदमी पार्टी के नेताओं को शराब नीति घोटाले से पैसा मिला, जिसके सहारे उन्होंने राज्य में दो सीटें जीती थीं। अब इसी घोटाले में उनके मुखिया केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद से यहां आप नेताओं में डर है। वे अब मेरी हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। उन्हें डर है कि कहीं उनके खिलाफ कार्रवाई न हो जाए।
प्रमोद सावंत ने आगे बोलते हुए कहा कि कांग्रेस का राज्य में अस्तित्व नहीं बचा है, आप के नेताओं में डर है। रिवोल्यूशनरी गोअन्स पार्टी (आरजीपी) के बारे में लोग सोच नहीं रहे हैं। ऐसे में राज्य में केवल भाजपा ही विकल्प है। हम राज्य में विकास के लिए काम कर रहे हैं।
गौरतलब है कि दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। उन पर कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए आबकारी नीति बनाने से संबंधित साजिश में सीधे तौर पर शामिल होने का आरोप है। इतना ही नहीं ये भी आरोप हैं कि शराब नीति घोटाले से मिले रुपयों का प्रयोग 2022 में हुए गोवा विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रचार के लिए किया गया। वहीं, ईडी ने पिछले हफ्ते आप की गोवा इकाई के अध्यक्ष अमित पालेकर और तीन अन्य से कथित दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले से जुड़े मामले में पूछताछ की थी।

 

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Author: kesarianews

शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।