भोपाल गोवंश मामला: 3 साल पुरानी शिकायतों पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, नगर निगम अधिकारियों की जांच की मांग..
दामखेड़ा डेयरी मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन; जोन-18 के AHO समेत संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग
भोपाल | केसारिया न्यूज़
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कोलार रोड स्थित दामखेड़ा में गोवंश के अवशेष मिलने के मामले में अब नगर निगम की भूमिका को लेकर सवाल उठे हैं। कोलार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और नगर निगम के संबंधित अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल करने की मांग की है।
कांग्रेस का आरोप है कि कलियासोत नदी के किनारे संचालित संबंधित डेयरी के खिलाफ करीब तीन वर्ष पहले से शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पार्टी ने नगर निगम भोपाल के जोन-18 के सहायक स्वास्थ्य अधिकारी (AHO) सहित संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने और लापरवाही प्रमाणित होने पर कार्रवाई की मांग की है।
मुख्यमंत्री के नाम यह ज्ञापन ACP आलोक श्रीवास्तव को सौंपा गया। कांग्रेस ने मामले में निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और कलियासोत नदी किनारे की सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग भी उठाई है।
क्या है दामखेड़ा गोवंश मामला?
शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को भोपाल के कोलार रोड स्थित दामखेड़ा ए-सेक्टर में कलियासोत नदी के किनारे एक डेयरी परिसर में गोवंश के कटे हुए अवशेष मिलने की सूचना सामने आई थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ डेयरी के संचालन और संबंधित निर्माण की वैधानिक स्थिति को लेकर भी सवाल उठे।
पुलिस ने मामले में मध्य प्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया। बरामद अवशेषों की प्रकृति, घटना की परिस्थितियों और अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की जांच इस मामले के महत्वपूर्ण पहलू हैं।
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी, डेयरी पर बुलडोजर कार्रवाई
प्रकाशित समाचार रिपोर्टों के अनुसार, मामले में डेयरी संचालक गब्बर यादव और मुन्ना यादव समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। तीसरे आरोपी के नाम को लेकर समाचार रिपोर्टों में अंतर होने के कारण इस खबर में उसका नाम शामिल नहीं किया गया है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना से संबंधित सभी तथ्यों और आरोपों की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।
घटना के बाद प्रशासन और नगर निगम की कार्रवाई में संबंधित डेयरी के कथित अवैध निर्माण को ध्वस्त किए जाने की जानकारी सामने आई। प्रकाशित समाचार रिपोर्टों के अनुसार, परिसर में बंधे करीब 49 गोवंश को रेस्क्यू कर अरवलिया स्थित सरकारी कांजी हाउस भेजा गया।
हालांकि, निर्माण की वैधानिक स्थिति, भूमि के स्वामित्व और कार्रवाई के प्रशासनिक आधार का विवरण संबंधित विभागों के रिकॉर्ड से स्पष्ट होना बाकी है।
मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन, कांग्रेस ने मांगी उच्चस्तरीय जांच
कोलार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन ACP आलोक श्रीवास्तव को दिया गया।
ज्ञापन में कांग्रेस ने मांग की है कि दामखेड़ा गोवंश मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। पार्टी का कहना है कि जांच में कथित गोवंश वध से जुड़े पहलुओं के साथ संबंधित डेयरी के संचालन और प्रशासनिक स्तर पर हुई कार्रवाई की भी पड़ताल की जानी चाहिए।
कांग्रेस ने नगर निगम भोपाल के जोन-18 के सहायक स्वास्थ्य अधिकारी (AHO) सहित संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही या संलिप्तता प्रमाणित होती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस का दावा—तीन साल से की जा रही थीं शिकायतें
ज्ञापन में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि वार्ड-80 के दामखेड़ा क्षेत्र में कलियासोत नदी के किनारे संचालित संबंधित डेयरी के खिलाफ करीब तीन वर्ष पहले से शिकायतें की जा रही थीं। कांग्रेस के अनुसार, इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
इसी आधार पर पार्टी ने सवाल उठाया है कि यदि संबंधित विभागों को पहले से शिकायतें मिल रही थीं, तो उन पर क्या कार्रवाई की गई और डेयरी का संचालन इतने समय तक कैसे जारी रहा?
कांग्रेस ने मांग की है कि पूर्व शिकायतों से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जाए। शिकायतें कब दर्ज हुईं, किस विभाग को प्राप्त हुईं और उन पर क्या कदम उठाए गए, इसकी जानकारी सामने लाई जाए।
तीन वर्ष पुरानी शिकायतों और कार्रवाई नहीं होने संबंधी यह दावा कांग्रेस के ज्ञापन पर आधारित है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित विभागों के रिकॉर्ड और अधिकारियों का पक्ष महत्वपूर्ण होगा।
AHO समेत नगर निगम अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग
कांग्रेस ने विशेष रूप से नगर निगम के जोन-18 के AHO सहित मामले से जुड़े अन्य अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है।
पार्टी का कहना है कि यदि डेयरी के खिलाफ पहले शिकायतें की गई थीं, तो संबंधित अधिकारियों की ओर से की गई कार्रवाई की समीक्षा होनी चाहिए। जांच में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि अधिकारियों को शिकायतों की जानकारी कब मिली और उन पर क्या कदम उठाए गए।
फिलहाल किसी अधिकारी की लापरवाही या संलिप्तता प्रमाणित नहीं हुई है। इस संबंध में निष्कर्ष जांच, उपलब्ध दस्तावेजों और संबंधित अधिकारियों के पक्ष के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
कलियासोत नदी किनारे की सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग
मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कांग्रेस ने कलियासोत नदी के किनारे स्थित सरकारी भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग भी की है।
कांग्रेस का कहना है कि डेयरी के निर्माण पर कार्रवाई के साथ संबंधित भूमि की स्थिति और कथित अतिक्रमण के सभी पहलुओं की जांच की जानी चाहिए।
इस मामले में भूमि के स्वामित्व, निर्माण की वैधानिक स्थिति और प्रशासनिक कार्रवाई के आधार की पुष्टि संबंधित विभागों के रिकॉर्ड से होना जरूरी है।
राहुल सिंह राठौड़ के नेतृत्व में सौंपा गया ज्ञापन
कोलार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राहुल सिंह राठौड़ के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी भोपाल शहर के अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, पूर्व सरपंच मंगल सिंह यादव, राजकुमार सिंह, महिला कांग्रेस नेत्री महक राणा, बबलू खान, शाहिद हुसैन, विजय वर्मा, सुजीत पांडा, सोनू जैन, रिंकू राजपूत, रत्ना ताई, आशीष राय, शकुन राणा, राहुल बबेले, निलेश तिवारी, दीपक भदौरिया और गोलू प्रजापति सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और नगर निगम के संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर जवाबदेही तय करने की मांग की है।
अब नगर निगम के जवाब पर नजर
दामखेड़ा गोवंश मामले में पुलिस की कार्रवाई और डेयरी के निर्माण को ध्वस्त किए जाने के बाद प्रशासनिक जवाबदेही का सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है।
एक ओर पुलिस जांच से घटना से जुड़े तथ्यों और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के पुराने शिकायतों संबंधी दावे की पुष्टि के लिए नगर निगम का रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होगा।
यदि संबंधित डेयरी के खिलाफ पहले शिकायतें दर्ज हुई थीं, तो उनकी प्राप्ति, जांच और कार्रवाई का विवरण सामने आने से यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रशासनिक स्तर पर क्या कदम उठाए गए थे।
गोवंश संरक्षण कानूनों का उल्लंघन साबित होने पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, यदि प्रशासनिक लापरवाही सामने आती है, तो उसकी भी निष्पक्ष जांच कर जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
केसारिया न्यूज़ इस मामले में पुलिस जांच, नगर निगम के आधिकारिक पक्ष और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़े आगामी घटनाक्रम पर नजर रखेगा।
न्यूज़ डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट उपलब्ध जानकारी और कांग्रेस द्वारा सौंपे गए ज्ञापन पर आधारित है। कांग्रेस के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर खबर अपडेट की जा सकती है।
रिपोर्ट: केसारिया न्यूज़ | भोपाल
Author: kesarianews
शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

