एमवाय ‘चूहा कांड’ को एक साल, मप्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर सवाल..

एमवाय ‘चूहा कांड’ को एक साल: नवजातों से लेकर बालाघाट के बैगा बच्चों तक, मप्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल

जयस 6 सितंबर को एमवाय अस्पताल तक निकालेगा पैदल मार्च, विभिन्न घटनाओं के मृतकों को श्रद्धांजलि; जवाबदेही तय करने और मुख्यमंत्री-स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग

इंदौर | 06 सितंबर 2026

मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच इंदौर के महाराजा यशवंतराव (एमवाय) अस्पताल में हुए बहुचर्चित ‘चूहा कांड’ को एक वर्ष पूरा हो गया है। इस मौके पर जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) 6 सितंबर को टंट्या भील चौराहा से एमवाय अस्पताल तक शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकालेगी।

जयस के अनुसार, एमवाय अस्पताल पहुंचकर घटना में दिवंगत दो नवजात शिशुओं को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके साथ ही बालाघाट में बैगा आदिवासी बच्चों की मौत, छिंदवाड़ा कफ सिरप प्रकरण और इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी प्रकरण में जान गंवाने वालों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।

संगठन ने इन घटनाओं को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों और सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की है। जयस ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग करने का भी ऐलान किया है।

एक साल बाद भी जवाबदेही का सवाल

जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा ने कहा कि एमवाय अस्पताल की संवेदनशील घटना को एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन जिम्मेदारी तय करने के सवाल आज भी बने हुए हैं।

उन्होंने कहा कि नवजात शिशुओं से जुड़ी ऐसी घटना किसी भी संवेदनशील और सभ्य स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। एक वर्ष बाद भी यदि लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की स्पष्ट जवाबदेही तय नहीं होती है, तो यह पीड़ित परिवारों के साथ अन्याय है।

मुजाल्दा ने कहा कि पूरे मामले की जांच हो चुकी है और अब लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उनके अनुसार, मृत नवजातों को श्रद्धांजलि देना केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि न्याय और जवाबदेही की लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प है।

बालाघाट से छिंदवाड़ा और इंदौर तक उठते सवाल

एमवाय अस्पताल की घटना एक बार फिर ऐसे समय चर्चा में है, जब मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक व्यवस्थाओं से जुड़े कई गंभीर मामले सामने आए हैं।

विशेष रूप से बालाघाट में बैगा आदिवासी बच्चों की मौत का मामला स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता और दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों तक चिकित्सा सेवाओं की पहुंच को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता रहा है।

वहीं छिंदवाड़ा कफ सिरप प्रकरण और इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी प्रकरण जैसी घटनाओं ने भी स्वास्थ्य एवं सार्वजनिक व्यवस्थाओं की निगरानी, तैयारी और जवाबदेही पर चिंता बढ़ाई है।

हालांकि ये घटनाएं अलग-अलग परिस्थितियों में सामने आईं, लेकिन लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं, निगरानी व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े किए हैं। सवाल यह भी है कि क्या इन घटनाओं से पर्याप्त सबक लेते हुए व्यवस्थागत स्तर पर जरूरी सुधार किए जा रहे हैं।

जयस का कहना है कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के साथ-साथ ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिम्मेदारी तय करना और स्वास्थ्य व्यवस्था में प्रभावी सुधार जरूरी है।

पहले संगठनात्मक बैठक, फिर एमवाय अस्पताल तक पैदल मार्च

कार्यक्रम के तहत 06 सितंबर 2026 को प्रातः 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक भील कॉलोनी धर्मशाला, मुसाखेड़ी, इंदौर में जयस एवं जेसीएस की संगठनात्मक एवं रणनीतिक बैठक आयोजित की जाएगी।

इसके पश्चात दोपहर 3 बजे टंट्या भील चौराहा से एमवाय अस्पताल तक शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकाला जाएगा। एमवाय अस्पताल पहुंचकर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

जयस ने कहा है कि संगठन पीड़ितों के न्याय, दोषियों की जवाबदेही और संवेदनशील स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक व्यवस्था की मांग को लेकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा।

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Author: kesarianews

शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।