घरेलू दबाव, दुनिया को मैसेज देने की कोशिश… ईरान से ‘पुरानी दुश्मनी’ के बावजूद सऊदी ने क्यों की इजरायल की निंदा

रियाद: ईरान के इस महीने की शुरुआत में किए गए मिसाइल अटैक के जवाब में इजरायल ने भी हाल ही में जवाबी हवाई हमला किया है। इस हमले के बाद एक दिलचस्प बात जो देखने को मिली, वो सऊदी अरब की ओर से इजरायल के हमले की निंदा थी। सऊदी अरब के ईरान पर इजरायल के हमले की निंदा ने पश्चिम एशिया में हलचल पैदा की है। इसकी वजह ये है कि ईरान और सऊदी के बीच ऐतिहासिक रूप से तनावपूर्ण संबंध रहे हैं। ऐसे में सवाल ये है कि सऊदी के इस कदम उठाने के पीछे की वजह क्या है।

सऊदी के सामने अपने लोगों को साधने की चुनौती

पश्चिम एशिया लंबे समय से जटिल गठबंधनों और गहरी प्रतिद्वंद्विता वाला क्षेत्र रहा है। सऊदी अरब और इजरायल भी दशकों से वैचारिक और भूराजनीतिक हितों से एक-दूसरे के लिए पैदा हुआ अविश्वास साझा करते रहे हैं लेकिन हाल के वर्षों में ईरान के बढ़ते क्षेत्रीय प्रभाव से दोनों के संबंधों में बदलाव देखा गया। ईरान की ओर से सऊदी अरब और इजरायल ने साझा खतरे की धारणा को माना है। हालांकि सऊदी अरब अपनी घरेलू संवेदनशीलता के चलते इस ओर सतर्क रहा है।

ईरान पर इजरायल के हमले की निंदा करने का सऊदी अरब का फैसला भी घरेलू दबाव से प्रभावित है। सऊदी सरकार अपनी आबादी के भीतर गहरी बैठी इजरायल विरोधी भावना से अच्छी तरह वाकिफ है, जो दशकों से चल रहे फिलिस्तीनी-इजरायल संघर्ष और इजरायल को एक कब्जाकारी शक्ति के रूप में देखने की धारणा से प्रेरित है। इजरायल के लिए कोई भी खुला समर्थन घरेलू प्रतिक्रिया को भड़का सकता है और सरकार के लिए समर्थन को कमजोर कर सकता है।

सऊदी खुलापन लाने की कोशिश में

सऊदी अरब इस समय महत्वपूर्ण सामाजिक और आर्थिक सुधार की प्रक्रिया में है, जिसे उसने विजन 2030 का नाम दिया है। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य सऊदी अर्थव्यवस्था में विविधता लाना और तेल पर इसकी निर्भरता को कम करना है। सऊदी अरब वैश्विक मंच पर खुद को एक उदार और प्रगतिशील राष्ट्र के रूप में पेश करना चाहता है। ईरान पर इजरायल के हमले की निंदा करना इस छवि के अनुरूप है।

इसके अलावा सऊदी अरब के ईरान पर इजरायल के हमले की निंदा अंतरराष्ट्रीय दबाव की वजह से है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से अमेरिका और उसके सहयोगी गाजा में इजरायल की कार्रवाइयों की लगातार निंदा कर रहे हैं। सऊदी अरब पर इस रुख के साथ तालमेल बैठाने का दबाव है। इजरायल के हमले की निंदा करके वह अंतराष्ट्रीय सहमति के साथ अपने तालमेल का संकेत दे रहा है और संभावित राजनयिक अलगाव से बच रहा है।

दुनिया में भूमिका बदल रहा सऊदी

सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय मामलों में अधिक प्रमुख भूमिका निभाना चाहता है। ईरान पर इजरायल के हमले की निंदा करने से उसे क्षेत्र में एक जिम्मेदार और प्रभावशाली खिलाड़ी के रूप में खुद को स्थापित करने में मदद मिली है। यह अंतरराष्ट्रीय कानून और मानदंडों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है, साथ ही विवादों में मध्यस्थता करने और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने की अपनी क्षमता को भी उजागर करता है।

kesarianews
Author: kesarianews

शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।