खरगोन में किसान ने अपनी 5 बीघा फसल में टेक दी आग, जानें हैरान करने वाली वजह

खरगोन: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के कसरावद में एक किसान ने अपनी ही फसल में आग लगा दी। उसका कहना था कि अतिवृष्टि के चलते उसकी सोयाबीन की फसल बेहद कमजोर हो गई थी। हालांकि कृषि विभाग इस तरह के किसी बड़े नुकसान से इनकार कर रहा है।

भारी बारिश से खराब हुई फसल

हाल ही में खरगोन जिले को भारी बारिश का सामना करना पड़ा था। इसके चलते किसानों ने कपास मिर्च मक्का और सोयाबीन की फसलों के प्रभावित होने की बात कही थी। सोयाबीन की फसल खराब होने के चलते कमलेश हार्डिया नामक किसान ने कल अपनी फसल में ही आग लगा दी।

फसल में लगा दी आग

उसका कहना था कि अतिवृष्टि के चलते उसके पांच बीघे में लगी सोयाबीन में अच्छे दाने नहीं आए थे। उसने कहा कि अफलन की स्थिति हो गई। किसान ने पत्रकारों को बताया कि पौधा अच्छा था लेकिन अतिवृष्टि के चलते दाने नहीं फले। उन्होंने सोचा कि मशीन से फसल को उखाड़ने की बजाय उसमें आग ही लगा दी जाए।

उन्होंने लिखा कि ‘मामला खरगोन जिले के कसरावद का है जहां कमलेश हाडिया ने अफलन की वजह से अपनी सोयाबीन की फसल में आग लगा दी। किसान विरोधी भाजपा सरकार ने न फसलों का सर्वे करवाया न किसानों को मुआवजा दिया, जिससे किसान अपने आपको ठगा समझ रहा है।’

क्या बोले खरगोन के डेप्युटी डायरेक्टर

उधर खरगोन जिले के डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर मेहताब सिंह सोलंकी ने बताया कि जिले में सोयाबीन की फसल 112125 हैक्टेयर में लगाई गई थी। उन्होंने बताया कि अधिकांश फसल निकाली जा चुकी है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ प्रतिशत फसल अतिवृष्टि के चलते प्रभावित हुई थी। लेकिन बड़ा नुकसान नहीं होने के चलते सर्वे नहीं कराया गया।

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Author: kesarianews

शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।