अन्नू कपूर: मेरी बीवी अमेरिकन, मेरी मजबूरी है कि मैं अपने देश के लिए वफादार हूं, इस्लाम से लेनी चाहिए हमें सीख

भारतीय एक्टर, सिंगर, डायरेक्टर और रेडियो डिस्क जॉकी से टेलिविजन प्रजेंटर तक की अलग-अलग भूमिका में माहिर अन्नू कपूर ने अपनी बेबाकी के लिए खूब चर्चा में रहते हैं। हाल में अनु कपूर ने अमेरिकी नागरिकता से लेकर गीता और इस्लाम पर अपनी बातें रखीं। हालांकि, एक तरफ वो खुद को नास्तिक बताते हैं और वहीं दूसरी तरफ उन्होंने गीता को कमाल की किताब बताया है। अनु ने अपने एक इंटरव्यू में दशभक्ति की तुलना परफ्यूम से की है।

अनु ने तीन शादियां की हैं। साल 1992 में उन्होंने अमेरिकन मूल की अनुपमा से शादी की और ये एक साल के अंदर ही खत्म हो गई। उन्होंने फिर दूसरी शादी की ये रिश्ता करीब 10 साल तक टिकी। इसके बाद उनकी लाइफ में तीसरी महिला की एंट्री हुई और साल 2008 में फिर से अपनी पहली पत्नी से शादी की और दोनों के बच्चे भी हैं। बीवी-बच्चे अमेरिकन होने के बाद होने के बाद भी अनु कपूर ने कभी अमेरिकी नागरिकता के बारे में नहीं सोचा।

अनु बोले- देशभक्ति कोई परफ्यूम नहीं है

अनु कपूर ने कहा, देशभक्ति जो है वो कोई परफ्यूम नहीं है कि किसी फंक्शन में जाना हो, शादी में जाना हो तो परफ्यूम अच्छा छिड़क के जाना। देशभक्ति आपके शरीर में 24वों घंटे बहने वाली रक्त की धारा है।’ अनु कपूर अपने उस इंटरव्यू में बड़े ही साफ शब्दों में कह चुके हैं, ‘मैं लोगों से कहना चाहता हूं कि अगर तुम्हारी देशभक्ति टाइम और अवसर पर टिकी है तो वो देशभक्ति नहीं है।

‘मेरी वाइफ अमेरिकन हैं और मैंने कभी भी वहां का सिटिजनशिप अप्लाई नहीं किया’

उन्होंने खुद को लॉयल बताया था और कहा था, ‘मेरी वाइफ अमेरिकन हैं और मैंने कभी भी अमेरिकन सिटिजनशिप के लिए अप्लाई नहीं किया। मैं सारी जिंदगी …मर जाऊंगा लेकिन कभी भी वहां का पासपोर्ट नहीं लूंगा। मेरी मजबूरी है कि मैं बड़ा लॉयलटी टाइप का इंसान हूं।’

‘मेरी मजबूरी है कि मैं अपने देश के लिए वफादार हूं’

उन्होंने कहा था, ‘ये देश चाहे मुझे नाली या गड्ढे में फेंक दे, गोली मार दे, मुझे कुछ भी न दे लेकिन मेरी मजबूरी है कि मैं अपने देश के लिए वफादार हूं।’

गीता से सीख को लेकर बोले अनु कपूर

अन्नू कपूर ने एएनआई को दिए अपने उस इंटरव्यू में श्रीमद्भगवत गीता को लेकर भी काफी कुछ कहा था। उन्होंने कहा था, ‘गीता कमाल की किताब है, मैं नास्तिक हूं उसके बावजूद कह रहा हूं कि जो कुछ भी सीखा जा सकता है गीता से सीखा जा सकता है।’ उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा था कि हर तरफ से हमारा देश दुश्मनों से घिरा हुआ है। सबने हमें धोखा दिया क्योंकि हम बहुत सॉफ्ट हैं। उन्होंने श्रीकृष्ण और शिशुपाल की कहानी दोहराते हुए कहा था कि 99 बार तो ठीक है, लेकिन 100वीं बार वध करना पड़ेगा। उन्होंने संकेत दिया कि अगर कोई हमारे देश का नुकसान पहुंचा रहा है तो हमें एक्शन लेना चाहिए।

हिंदुस्तानियों को इस्लाम से सीख लेने की भी बातें कही

इसके अलावा उन्होंने हिंदुस्तानियों को इस्लाम से सीख लेने की भी बातें कही थीं। उन्होंने इस्लाम की पांचों किताबों का जिक्र करते हुए कहा, ‘यहां क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, ये साफ-साफ बताया गया है।’ उन्होंने कहा था कि डू एंड डोंट्स क्लियर होने की वजह से डिसिप्लिन आता है और डिसिप्लिन की वजह से यूनिटी…और ये सीखनी चाहिए।

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Author: kesarianews

शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।