इजरायल की मदद क्यों करता है अमेरिका, यह मजबूरी या फिर जरूरत, सिर्फ 12 पॉइंट में जानें

वॉशिंगटन: अमेरिका और इजरायल की दोस्ती जगजाहिर है। अमेरिका भले ही इजरायल को कितना भी भला-बुरा कहे, लेकिन मदद को हमेशा आगे रहता है। हमास, लेबनान और ईरान के खिलाफ इजरायली हमले का भी अमेरिका ने समर्थन किया। भले ही राष्ट्रपति जो बाइडन, उपराष्ट्रपति कमला हैरिस लगातार इजरायल विरोधी बयान देते रहे। जब इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह सरगना हसन नसरल्लाह को मार गिराया, तब भी अमेरिका ने सख्त नाराजगी जताई थी, लेकिन इसके बाद ईरान के संभावित जवाबी कार्रवाई से इजरायल की रक्षा के लिए खुद जो बाइडन ने अमेरिकी सेना को निर्देश जारी किए थे। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर अमेरिका की वह कौन सी मजबूरी है जिससे वह इजरायल की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहता है।

1- अमेरिका ने इजरायल का समर्थन कब से शुरू किया

अमेरिका ने इजरायल की स्थापना के समय से ही उसका समर्थन करना शुरू कर दिया था। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन 1948 में इजरायल के निर्माण के समय इसे मान्यता देने वाले पहले वैश्विक नेता थे।

3- उस समय रणनीतिक दांव क्या थे?

यह द्वितीय विश्व युद्ध के ठीक बाद की बात है, जब अमेरिका और सोवियत संघ के बीच शीत युद्ध आकार ले रहा था। मध्य पूर्व, अपने तेल भंडार और रणनीतिक जलमार्गों के कारण काफी महत्वपूर्ण क्षेत्र था। ऐसे में अमेरिका चाहता था कि वह इजरायल जैसा एक शक्तिशाली देश खड़ाकर इलाके में अपने प्रभुत्व को कायम करे।

4- इजरायल के समर्थन में कब खुलकर आया अमेरिका

1967 के युद्ध के समय से ही अमेरिका ने खुलकर इजरायल का समर्थन करना शुरू कर दिया था। इस युद्ध में इजरायल ने मिस्र, सीरिया और जॉर्डन की सेनाओं को हराया था और फिलिस्तीन के एक बड़े भूभाग पर कब्जा कर लिया था। इसके अलावा सीरिया और मिस्र के भी कई इलाकों पर इजरायल का कब्जा हुआ था।

5- 1973 के युद्ध में अमेरिका ने कैसे की मदद?

1973 के युद्ध में इजरायल ने मिस्र और सीरियाई सेनाओं को हराया था। इस दौरान मिस्र और सीरिया को सोवियत संघ की मदद मिल रही थी और इजरायल को अमेरिका की। बाद में अमेरिका ने मिस्र और सीरिया के बीच फूट पैदा करने के लिए अपनी ताकत का इस्तेमाल किया। बाद में अमेरिका ने इजरायल और मिस्र के बीच शांति समझौता करवाया और सीरिया को अकेला छोड़ दिया।

6- क्या इजरायल को सैन्य सहायता देता है अमेरिका

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के युग में इजरायल अमेरिकी विदेशी सहायता का सबसे बड़ा प्राप्तकर्ता है। 2016 में, तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इजरायल के साथ एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसमें आयरन डोम मिसाइल रक्षा प्रणाली के लिए फंड सहित 10 वर्षों में 38 बिलियन डॉलर का अमेरिकी सैन्य समर्थन प्रदान किया गया। हालांकि, इजरायल को वास्तव में सहायता की आवश्यकता नहीं है। यह एक उच्च आय वाला देश है, जिसमें एक संपन्न उच्च तकनीक क्षेत्र है।

7- अमेरिकी लोगों में इजरायल को लेकर कैसी भावना है

अमेरिकी जनमत लंबे समय से इजरायल के पक्ष में और फिलिस्तीनियों के खिलाफ झुका हुआ है। अरब देशों का आरोप है कि इजरायल के पास एक बेहतर पीआर मशीन थी। लेकिन, 1972 के म्यूनिख नरसंहार जैसे फिलिस्तीनी समर्थक समूहों द्वारा सुर्खियां बटोरने वाली, हिंसक कार्रवाइयों ने भी इजरायल के लिए सहानुभूति पैदा की, जिसमें 11 इजरायली ओलंपिक एथलीट मारे गए थे।

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Author: kesarianews

शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।