फीनिक्स (एरिजोना): हैलोवीन डे का मौका था। अमेरिका के सुदुर दक्षिण-पश्चिमी राज्य एरिजोन के मुख्यालय फीनिक्स में चहल-पहल थी। वहां चुनाव दफ्तर के ठीक बाहर हैलीवीन मेक अप में भी लोग अपना नाम वोटर लिस्ट में दर्ज कराने आ रहे हैं। माइकल पिछले एक हफ्ते में चौथी बार अपना नाम दर्ज करने आए हैं। लेकिन किन्हीं तकनीकी कारणों से उनका नाम दर्ज नहीं किया गया। वे इसे साजिश बता रहे हैं। उन्हें रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वोट देना है।
एरिजोना बना चुनाव का एक्स फैक्टर
साथ ही माना जा रहा है कि स्विंग राज्यों में इस बार कांटे के राष्ट्रपति चुनाव में सात स्विंग राज्य- एरिज़ोना, जॉर्जिया, मिशिगन, नेवादा, उत्तरी कैरोलिना, पेंसिल्वेनिया और विस्कॉन्सिन ही ट्रंप-हैरिस की हार-जीत तय करेंगे। चुनाव में इनमें सबसे अहम एरिजोना माना जाता है। यही कारण है कि ट्रंप और हैरिस का सबसे अधिक फोकस भी इसी राज्य में है। जहां तक मुद्दों की बात है कि ट्रंप समर्थकों के लिए सबसे बड़ा मसला अवैध प्रवासी का मसला है।
चुनाव में लोग बंटे
फीनिक्स में कारोबार कर रहे माइकल फीलिप्स मानते हैं कि वे मेहतन कर इसलिए नहीं कमाते हैं कि उनसे कमाया गया टैक्स किसी दूसरे देश से गलत तरीके से आये हुए लोगों के बीच खर्च कर दिया जाय। वहीं कमला हैरिस के समर्थक मानते हैं कि ट्रंप राजनीति के लिए समाज का बांटने की कोशिश कर रहे हैं। कोलंबिया यूनिवर्सिटी में मास्टर की पढ़ाई कर रहे ब्राड फिलिप के अनुसार वह कमला हैरिस को पसंद नहीं करते हैं लेकिन वह इसलिए उन्हें वोट करेंगे क्योंकि वे मानते हैं कि उनके देश में जो विविधता है बह बनी रहे। वह मानने हैं कि ट्रंप युवा पीढ़ी को इंस्पाइर नहीं करते हैं।
एक्सपर्ट्स ने जताई चिंता
2020 के चुनाव में ट्रंप बहुत मामूली अंतर से एरिजोना में बाइडेन से पीछे रह गये थे। जिस तरह चुनाव में दोनों गुटों के बीच तीखे मतभेद उभरे हैं उससे कई मुद्दे गौण हो गये हैं। एरिजोना में वॉल्टर स्कूल ऑफ जर्नलिसम की प्रोफेसर जुलिया वॉलेस ने कहा कि इस बार जिस तरह से चुनाव लड़े जा रहे हैं,सभी का नुकसान ही दिख रहा है। कहीं कोई रचनात्मक बहस नहीं हो रही है। साथ ही वह जनसंवाद में गिरते स्तर से भी चिंतित हैं। कहती हैं कि ऐसे चुनाव में जनता के लिए कठिन परीक्षा की बेला हो गयी है।
Author: kesarianews
शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।
